छोटी सी थी जब मैं
किया मैने सबसे एक सवाल
जवाब ना मिलने पर
मचा दिया पुर घर में बवाल.
कहाँ से आई हूँ मैं
क्या मुझे कचरे के डब्बे से लाया गया है??
बहुत गुस्सा हुई मैं
की आख़िर क्यूँ मुझसे सच छुपाया गया है
सबके समझाने के बाद
आई मा की बारी
बड़ी ही नम्रता से कहते हुए
दिखाई उसने बोहोत समझदारी
बोली, की क्यूँ मेरी प्यारी सी परी मुझसे खफा है?
अरे, हम सब क लए तो तू भगवान का तोहफा है!
इसी प्यार से हमेशा मेरी मा ने मुझे बड़ा किया
हमेशा साथ रहते हुए, मुझे अपने पैरो पे खड़ा किया
की आज समझ आता है उनकी हर दाँत का मकसद
उनके द्वारा दी गयी हर सीख थी ज़बरदस्त
की हर काम क लए पापा को परेशान करने वाली लड़की
अब कई परेशानियो से खुद ही है निपात लेती.
मा की दाँत सुनकर अक्सर गुस्सा हो जाती थी
की मेरी तो कोई ग़लती ही नही थी
पर उनको है ज़्यादा अनुभव मुझसे
ये बात मैं समझ पति नही थी.
आज, दूर हूँ तुझसे तो ये सारी बातें समझ आती हैं
मा, मुझे तेरी बोहोत याद आती है.
की ढेर सारा काम करके तेरी गोद में सोने का मन करता है
तेरे बिना यहाँ सब कुछ बोहोत सूना सा लगता है.
की जब कोई दिक्कत होती है,
तो तेरा कंधा याद आता है
मा, मुझे तेरा साथ बोहोत भाता है.
की अब मेरे नखरे झेलने वाला कोई नही है
मुझे पता है मा, मेरी याद में तू कई रातें सोई नही है
की जीती आई हूँ तेरे ढेर सारे प्यार में
की आपसे सुंदर कोई इंसान नही इस संसार में.
मुझे मेरी हर ग़लती क लए माफ़ क्रना
सदा क लए ऐसे ही मेरे साथ रहना
आगे भी काई ग़लतियाँ होने वाली हैं
अभी तो आपको है मुझे बोहोत सहना.
भगवान तुझे खूब लंबी उमर दे
जिसमे तुझे ना कोई फिकर दे
ताकि तू हूमें ऐसे ही ढेर सारा प्यार दे.
मा कहती थी, सच कहती थी
परियों की दुनिया से आई हूँ
पर भगवान का शुक्रिया इसलिए अदा करती हूँ
की अपनी किस्मत में आपको मा क रूप में लिखवा क लाई हूँ.
किया मैने सबसे एक सवाल
जवाब ना मिलने पर
मचा दिया पुर घर में बवाल.
कहाँ से आई हूँ मैं
क्या मुझे कचरे के डब्बे से लाया गया है??
बहुत गुस्सा हुई मैं
की आख़िर क्यूँ मुझसे सच छुपाया गया है
सबके समझाने के बाद
आई मा की बारी
बड़ी ही नम्रता से कहते हुए
दिखाई उसने बोहोत समझदारी
बोली, की क्यूँ मेरी प्यारी सी परी मुझसे खफा है?
अरे, हम सब क लए तो तू भगवान का तोहफा है!
इसी प्यार से हमेशा मेरी मा ने मुझे बड़ा किया
हमेशा साथ रहते हुए, मुझे अपने पैरो पे खड़ा किया
की आज समझ आता है उनकी हर दाँत का मकसद
उनके द्वारा दी गयी हर सीख थी ज़बरदस्त
की हर काम क लए पापा को परेशान करने वाली लड़की
अब कई परेशानियो से खुद ही है निपात लेती.
मा की दाँत सुनकर अक्सर गुस्सा हो जाती थी
की मेरी तो कोई ग़लती ही नही थी
पर उनको है ज़्यादा अनुभव मुझसे
ये बात मैं समझ पति नही थी.
आज, दूर हूँ तुझसे तो ये सारी बातें समझ आती हैं
मा, मुझे तेरी बोहोत याद आती है.
की ढेर सारा काम करके तेरी गोद में सोने का मन करता है
तेरे बिना यहाँ सब कुछ बोहोत सूना सा लगता है.
की जब कोई दिक्कत होती है,
तो तेरा कंधा याद आता है
मा, मुझे तेरा साथ बोहोत भाता है.
की अब मेरे नखरे झेलने वाला कोई नही है
मुझे पता है मा, मेरी याद में तू कई रातें सोई नही है
की जीती आई हूँ तेरे ढेर सारे प्यार में
की आपसे सुंदर कोई इंसान नही इस संसार में.
मुझे मेरी हर ग़लती क लए माफ़ क्रना
सदा क लए ऐसे ही मेरे साथ रहना
आगे भी काई ग़लतियाँ होने वाली हैं
अभी तो आपको है मुझे बोहोत सहना.
भगवान तुझे खूब लंबी उमर दे
जिसमे तुझे ना कोई फिकर दे
ताकि तू हूमें ऐसे ही ढेर सारा प्यार दे.
मा कहती थी, सच कहती थी
परियों की दुनिया से आई हूँ
पर भगवान का शुक्रिया इसलिए अदा करती हूँ
की अपनी किस्मत में आपको मा क रूप में लिखवा क लाई हूँ.
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